विवेक झा, भोपाल। आयकरदाताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। पहले यह समयसीमा 15 सितम्बर 2025 तय की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 सितम्बर 2025 कर दिया गया है।
वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग की ओर से जारी सर्कुलर नंबर 25/2025 के अनुसार, यह निर्णय आयकर अधिनियम 1961 की धारा 119 के अंतर्गत लिए गए अधिकारों का उपयोग करते हुए किया गया है। आदेश के मुताबिक, यह सुविधा उन करदाताओं को दी गई है जिन पर धारा 139(1) की व्याख्या 2(c) लागू होती है। सामान्य भाषा में कहा जाए तो यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कंपनियों, फर्मों और ऐसे व्यवसायिक संस्थानों के लिए है जिन्हें ऑडिटेड खातों के साथ रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होता है।
करदाताओं को मिलेगी अतिरिक्त राहत
टैक्स प्रोफेशनल्स और कारोबारी संगठनों ने लंबे समय से समयसीमा बढ़ाने की मांग की थी। उनका तर्क था कि ऑडिट और दस्तावेज़ों की तैयारी में समय लगता है, ऐसे में अधिक समय दिए बिना सभी रिटर्न समय पर दाखिल कर पाना कठिन हो रहा था।
CBDT के इस फैसले से अब करदाताओं को अतिरिक्त 15 दिन की राहत मिल गई है।
आदेश का प्रभाव
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पहले की आखिरी तारीख – 15 सितम्बर 2025
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अब नई आखिरी तारीख – 30 सितम्बर 2025
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लाभ किसे मिलेगा – कंपनियां, पार्टनरशिप फर्म और ऑडिट अनिवार्य करदाता
यह आदेश डॉ. कास्त्रो जयप्रकाश.टी, अवर सचिव, भारत सरकार द्वारा जारी किया गया। साथ ही इसे सभी संबद्ध विभागों, चैंबर ऑफ कॉमर्स और पेशेवर संस्थाओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
टैक्स डेडलाइन अपडेट – एक नज़र में
आकलन वर्ष: 2025-26
कानून: आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1)
जारी करने वाला विभाग: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT)
मुख्य बिंदु
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पहले रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख: 15 सितम्बर 2025
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नई आखिरी तारीख: 30 सितम्बर 2025
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राहत का दायरा:
कंपनियां
पार्टनरशिप फर्म
ऑडिट अनिवार्य करदाता
क्यों बढ़ाई गई तारीख?
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ऑडिट और कागजी कार्रवाई में लगने वाला समय
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करदाताओं और टैक्स प्रोफेशनल्स की मांग
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अनुपालन को आसान बनाने का उद्देश्य
