मोहन सरकार फिर लेगी ₹2800 करोड़ का कर्ज, चालू वित्त वर्ष में उधारी ₹9200 करोड़ पहुंची

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भोपाल 

सरकार प्रदेश में जारी विकास योजनाओं के लिए 2,800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने जा रही है। वित्त विभाग के बजट निदेशक भास्कर लक्षकार द्वारा इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया गया है। सरकार यह लोन दो अलग-अलग अवधियों और ब्याज दरों के आधार पर आरबीआई के जरिए जुटाएगी। इसमें सरकार 7.64 फीसदी ब्याज दर वाले मध्य प्रदेश एसडीएस 2034 बॉण्ड को दोबारा जारी कर रही है। इसकी अवधि 8 वर्ष की होगी और 1600 करोड़ का यह कर्ज 29 अप्रैल 2034 को वापस चुकाया जाएगा । 1200 करोड़ रुपये के दूसरे ऋण के लिए 7.83 फीसदी ब्याज दर वाले मध्य प्रदेश एसडीएस 2048 बॉण्ड भी दोबारा जारी किए जा रहे हैं । कर्ज की अवधि 22 वर्ष की होगी और इसके भुगतान की तिथि 29 अप्रैल 2048 तय की गई है। दोनों कर्जी पर ब्याज का भुगतान हर वर्ष 29 अक्टूबर और 29 अप्रैल को छमाही आधार पर होगा ।

वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य सरकार यह कर्ज मध्यप्रदेश राज्य विकास ऋण के तहत आरबीआई के जरिए बॉन्ड जारी कर ले रही है। पहली राशि 1600 करोड़ रुपए की होगी, जिस पर 7.64 प्रतिशत ब्याज दर तय की गई है। वहीं दूसरी राशि 1200 करोड़ रुपए की होगी, जिस पर 7.83 प्रतिशत ब्याज देना होगा। दोनों कर्जों की अदायगी सरकार छह माही किस्तों में अप्रैल और अक्टूबर में करेगी।

2034 और 2048 तक के लिए कर्ज
सरकार द्वारा लिया जा रहा पहला कर्ज वर्ष 2034 तक की अवधि के लिए रहेगा, जबकि दूसरा कर्ज 2048 तक यानी 22 वर्षों की अवधि के लिए लिया गया है। दोनों ऋणों के लिए सिक्योरिटी की नीलामी आरबीआई द्वारा कराई जाएगी और भुगतान प्रक्रिया 27 मई 2026 तक पूरी की जाएगी।

इस बार अप्रैल से ही कर्ज लेने लगी सरकार
प्रदेश सरकार ने इस वित्त वर्ष में अप्रैल से ही कर्ज लेना शुरू कर दिया था। इससे पहले के वर्षों में आमतौर पर मई से कर्ज उठाने की प्रक्रिया शुरू होती थी। अप्रैल में सरकार ने दो बार चार किस्तों में 4600 करोड़ रुपए का ऋण लिया था। इसके बाद मई में पहले 1800 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया और अब 2800 करोड़ रुपए का नया ऋण उठाया जा रहा है।

उत्पादक विकास योजनाओं में खर्च होगी राशि
सरकार का कहना है कि बॉन्ड से प्राप्त राशि का उपयोग राज्य की उत्पादक विकास योजनाओं, सिंचाई परियोजनाओं, ऊर्जा, कृषि और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। राजपत्र में जारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान में मध्यप्रदेश की राजस्व प्राप्ति लगभग 2.79 लाख करोड़ रुपए और राजस्व व्यय भी लगभग 2.79 लाख करोड़ रुपए आंका गया है।

आज होगी बॉण्ड की नीलामी
मंगलवार को इन सरकारी बॉण्ड्स की नीलामी भारतीय रिजर्व बैंक के कोर बैंकिंग सॉल्यूशन सिस्टम (ई-कुबेर) पर इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में आयोजित की जाएगी। नीलामी के बाद रिजल्ट की घोषणा उसी दिन होगी और इसके अगले दिन सफल बोली लगाने वालों को राशि का भुगतान बैंकिंग समय में कैश, बैंकर्स चेक या डिमांड ड्राफ्ट के जरिए करना होगा। 31 मार्च 2026 की स्थिति में प्रदेश सरकार पर कुल कर्ज भार 4,88,714.17 करोड़ रुपये है। इसमें बाजार से लिया गया कर्ज 3,33,278.21 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार से मिले ऋण और एडवांस के 81,152.31 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।

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