टैक्स लॉ बार एसोसिएशन ने उपमुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, वैट अपीलों की समय-सीमा बढ़ाने सहित तीन प्रमुख मांगें उठाईं

टैक्स-लॉ-बार-एसोसिएशन-ने-उपमुख्यमंत्री-को-सौंपा-ज्ञापन,-वैट-अपीलों-की-समय-सीमा-बढ़ाने-सहित-तीन-प्रमुख-मांगें-उठाईं

विवेक झा, भोपाल, 25 जून। प्रदेश के व्यापारियों, करदाताओं और कर पेशेवरों की समस्याओं के समाधान को लेकर टैक्स लॉ बार एसोसिएशन, भोपाल ने मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विशेष रूप से लंबित वैट अपीलों के त्वरित निस्तारण, डीम्ड असेसमेंट स्कीम लागू करने और वैट अपीलेट बोर्ड में अधिकारियों की नियुक्ति जैसी महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं।

एसोसिएशन का कहना है कि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने से व्यापारियों को राहत मिलेगी, अनावश्यक मुकदमेबाजी कम होगी और राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बन सकेगी।

वैट प्रथम अपीलों की समय-सीमा बढ़ाने की मांग

टैक्स लॉ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट मनोज कुमार पारख ने बताया कि ज्ञापन में पहली प्रमुख मांग मध्यप्रदेश वैट प्रथम अपीलों की सुनवाई की समय-सीमा को 30 जून 2026 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 तक किए जाने की है।

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पुराने प्रकरण अभी भी लंबित हैं और कई मामलों में आवश्यक अभिलेखों एवं दस्तावेजों के संकलन में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। वर्तमान में वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था के कारण प्रतिदिन सीमित मामलों की ही सुनवाई हो पा रही है, जिससे करदाताओं को अपने पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा।

पेट्रोलियम उत्पादों के लिए डीम्ड असेसमेंट स्कीम लागू करने का सुझाव

ज्ञापन में दूसरी महत्वपूर्ण मांग वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पेट्रोलियम उत्पादों से संबंधित मामलों में डीम्ड असेसमेंट स्कीम लागू करने की की गई है।

एसोसिएशन का मानना है कि इस व्यवस्था से अनावश्यक जांच और स्क्रूटनी की आवश्यकता कम होगी, कर अनुपालन सरल बनेगा और विभाग तथा करदाताओं—दोनों का समय एवं संसाधनों की बचत होगी। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी भी बन सकती है।

वैट अपीलेट बोर्ड में अधिकारियों की कमी से बढ़ रही परेशानी

तीसरी प्रमुख मांग मध्यप्रदेश वैट अपीलेट बोर्ड में लंबित अपीलों के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक अधिकारियों की तत्काल नियुक्ति की है। एसोसिएशन ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि अधिकारियों की कमी के कारण अपीलों के निपटारे में काफी विलंब हो रहा है, जिससे व्यापारी वर्ग को आर्थिक और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बार एसोसिएशन का कहना है कि समयबद्ध सुनवाई और पर्याप्त न्यायिक व्यवस्था से लंबित मामलों का तेजी से समाधान संभव होगा।

अपील लंबित रहने तक कार्रवाई पर रोक लगाने की अपील

ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया कि जिन मामलों में विवादित राशि पहले से राज्य सरकार के पास सुरक्षित है, उन मामलों में अंतिम अपील के निर्णय तक व्यापारियों पर अनावश्यक दबाव या कठोर कार्रवाई नहीं की जाए।

एसोसिएशन के अनुसार, इससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी और करदाता निष्पक्ष तरीके से अपनी अपील की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

व्यापारिक माहौल को मिलेगा बढ़ावा

संस्था का मानना है कि यदि सरकार इन सुझावों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण होगा, अनावश्यक मुकदमेबाजी में कमी आएगी और व्यापारिक वातावरण अधिक अनुकूल बनेगा। साथ ही, कर प्रशासन और राजस्व संग्रहण व्यवस्था भी अधिक प्रभावी और पारदर्शी हो सकेगी।

इनकी रही उपस्थिति

उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने के दौरान टैक्स लॉ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट मनोज कुमार पारख, सीए संजय श्रीवास्तव, सीए एस. कृष्णन (पूर्व अध्यक्ष) तथा मुनेंद्र वेद उपस्थित रहे और उन्होंने व्यापारियों एवं करदाताओं से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

ज्ञापन की तीन प्रमुख मांगें

  • वैट प्रथम अपीलों की समय-सीमा 30 जून 2026 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 की जाए।
  • वित्तीय वर्ष 2024-25 के पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़े मामलों में डीम्ड असेसमेंट स्कीम लागू की जाए।
  • मध्यप्रदेश वैट अपीलेट बोर्ड में लंबित अपीलों के त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक अधिकारियों की शीघ्र नियुक्ति की जाए।

एसोसिएशन का दावा

इन मांगों के लागू होने से लंबित कर विवादों का तेजी से समाधान होगा, व्यापारियों को राहत मिलेगी, विभागीय कार्यभार कम होगा और राज्य में बेहतर व्यापारिक एवं निवेश अनुकूल वातावरण विकसित करने में मदद मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *